स्वचिन्तन व मनन से हृदय की गहराईयों से उत्पन्न शब्दों को कविता व लेख से "My Heart" के माध्यम से सत्य, सार्थक, चेतनाप्रद, शिक्षाप्रद विचारों को सहृदय आपके के समक्ष प्रस्तुत करना हमारा ध्येय है। सहृदय आभार! धन्यवाद।
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ससुराल मायका बहू बेटी...
ससुराल मायका बहू बेटी... 🍁🍁 ससुराल मायका बहू बेटी! दोनों जहान आबाद करती। मायके से ट्यूशन गर लिया, दुखों का जाल बिछा लेती। जहां कभ...
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बरसे बदरी... 🌧🌧 बरसे बदरी भोरहरी से, तर भयी मौसम सबही के। ऐसी बारिस हो रही आज, गोताए सबही घरही में। प्रकृति जन खुश हैं आज, ...
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💞~:माँ:~💞 जिसने हमको स्वयं लिखा! शब्द नही जो उस पर लिखूँ। 💌 तुम लक्ष्मी हो तुम सरस्वती हो; तुम माँ अन्नपूर्णा सी देवी हो। ...
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वक्त महान.... 🍁🍁 वक्त ही महान होता, वक्त से जहांन होता। वक्त के विरूद्ध इंसान, बेबस लाचार होत...
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