युवा सपूतों....
🍁🍁
उठो धरा के युवा सपूतों,
नव युग नव निर्माण करो।
लूट खसोट चोरी चकारी,
अपने को आजाद करो।
अपने अवसादों को छोड़ो,
बने सुखद जग कार्य करो।
गुलामी की जंजीरें है सब,
इससे मोह को त्याग करो।
अपने हद को पहचानो,
सुन्दर जग व्यवहार करो।
मान सम्मान और प्रतिष्ठा,
खुद से नहीं बेकार करो।
हद में रह कर कार्य करो,
नव युग नव निर्माण करो।
विश्व गुरू सपना देश का,
नव युग नव निर्माण करो।
उठो धरा के युवा सपूतों,
नव युग नव निर्माण करो।
🍁🍁
✒....धीरेन्द्र श्रीवास्तव "धीर"
उठो धरा के युवा सपूतों,
नव युग नव निर्माण करो।
लूट खसोट चोरी चकारी,
अपने को आजाद करो।
अपने अवसादों को छोड़ो,
बने सुखद जग कार्य करो।
गुलामी की जंजीरें है सब,
इससे मोह को त्याग करो।
अपने हद को पहचानो,
सुन्दर जग व्यवहार करो।
मान सम्मान और प्रतिष्ठा,
खुद से नहीं बेकार करो।
हद में रह कर कार्य करो,
नव युग नव निर्माण करो।
विश्व गुरू सपना देश का,
नव युग नव निर्माण करो।
उठो धरा के युवा सपूतों,
नव युग नव निर्माण करो।
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✒....धीरेन्द्र श्रीवास्तव "धीर"
